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कई इंजेक्शंस लगने से बेबी बार-बार रोता और बेचैन होता है, इसलिए आज की मॉम्स कॉम्बिनेशन वैक्सीनेशन का विकल्प चुन सकती हैं और होने वाले ‘दर्द’ को कम कर सकती हैं; कॉम्बिनेशन वैक्सीनेशन कई विकल्पों में उपलब्ध है, जो एक इंजेक्शन से नीचे दिए गए 3 से 6 रोगों को कवर करता है।

हर मां को कॉम्बिनेशन
वैक्सीनेशन के बारे में
क्या जानने की ज़रुरत है ?

कॉम्बिनेशन वैक्सीनेशन क्या है?
कॉम्बिनेशन वैक्सीनेशन के क्या लाभ हैं?
मेरे बच्चे को कॉम्बिनेशन वैक्सीनेशन कब देना चाहिए?
नीचे दिए गए 6 रोगों के लिए विभिन्न प्रकार के कौन से कॉम्बिनेशन वैक्सीनेशन उपलब्ध हैं?
क्या अलग-अलग वैक्सीन्स की तुलना में कॉम्बिनेशन वैक्सीनेशन के कोई अतिरिक्त साइड इफेक्ट्स हैं?

डिप्थीरिया

डिप्थीरिया क्या है और यह मेरे बच्चे को कैसे हो सकता है?
डिप्थीरिया एक गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन है जो आमतौर पर नाक और गले की म्यूकस मेम्ब्रेन को प्रभावित करता है । डिप्थीरिया आमतौर पर इनसे फैलता है:

इन्फेक्टेड व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदें।

कंटेमिनेटेड व्यक्तिगत या घरेलू सामान- एक बच्चे को किसी वस्तु, जैसे कोई खिलौना, जिसपर डिप्थीरिया के बैक्टीरिया हों, के संपर्क में आकर डिप्थीरिया हो सकता है।

यदि मेरे बेबी को डिप्थीरिया हो जाए तो क्या होगा?
डिप्थीरिया के लक्षणों में कमजोरी, गले में खराश, बुखार और गर्दन में ग्लैंड्स की सूजन होना शामिल हैं। गले में एक मोटी कोटिंग बन सकती है जिससे सांस लेने या निगलने में कठिनाई हो सकती है। इससे यह वायुमार्ग की ब्लॉकिंग, हृदय को नुक्सान, नर्व्स को नुक्सान, फेफड़ों में इन्फेक्शन और पेरेलिसिस जैसे कॉम्प्लिकेशंस हो सकते हैं।

मैं अपने बच्चे को डिप्थीरिया से कैसे बचा सकती/सकता हूं?

डिप्थीरिया एक वैक्सीन द्वारा बचाव योग्य है। डिप्थीरिया का वैक्सीन आमतौर पर टेटनस और हूपिंग कफ (पर्टुसिस) के वैक्सीन्स के साथ कम्बाइन किया जाता है। अन्य एंटीजेन्स के साथ कॉम्बिनेशन में डिप्थीरिया का वैक्सीन बचपन के इम्युनाइज़ेशन्स में से एक है, जिसके बारे में डॉक्टर शैशवावस्था के दौरान सलाह देते हैं।

बच्चे को किसी भी बीमार व्यक्ति से दूर रखने रहने सहित हाइजीन से जुडी सभी सावधानियों को सुनिश्चित करना चाहिए।

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पर्टुसिस

पर्टुसिस क्या है और यह मेरे बच्चे को कैसे हो सकता है?

पर्टुसिस (जिसे हूपिंग कफ़ के रूप में भी जाना जाता है) एक अत्यधिक संक्रामक रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन है, जो खासकर न्यूबॉर्न बेबीज़ और युवा शिशुओं के लिए बहुत गंभीर हो सकता है।

पर्टुसिस इन्फ़ेक्शिअस बूंदों द्वारा हवा में फैलता है, इसलिए यह अन्य लोगों द्वारा खांसने या छींकने अथवा बीमार व्यक्ति के करीब होने से आसानी फैलता है। मदर्स, शिशुओं में पर्टुसिस इन्फेक्शन का मुख्य स्रोत पाई गई हैं।

यदि मेरे बच्चे को पर्टुसिस हो गया तो क्या होगा?

पर्टुसिस २ महीने से कम उम्र के बेबीज़ और छोटे शिशुओं में गंभीर और कभी-कभी घातक कॉम्प्लिकेशन्स का कारण बन सकता है। शिशु और छोटे बच्चे तंग हो सकते हैं और सांस लेने में कठिनाई के कारण नीले पड़ सकते हैं।

मेरे शिशु को पर्टुसिस से बचाने के तरीके क्या हैं?

पर्टुसिस को शिशु को वैक्सीनेट कर रोका जा सकता है। छोटे शिशुओं में पर्टुसिस को रोकने के लिए अन्य विकल्पों में मां, परिवार के सदस्यों और निकट संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों का वैक्सीनेशन शामिल है। अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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टेटनस

टेटनस क्या है और यह मेरे बच्चे को कैसे हो सकता है?

टेटनस, क्लोस्ट्रीडियम टेटनी बैक्टीरियम द्वारा होने वाला एक तीव्र, और अक्सर घातक रोग है।

इसकी विशेषता स्केलेटल मसल्स का अकड़ना और मरोड़ है। मसल्स का कड़ापन आमतौर पर जबड़े (लॉकजॉ) और गर्दन में होता है और फिर वह पूरे शरीर में फैल सकती है।

बैक्टीरिया स्पोर्स आमतौर पर मिट्टी, धूल, और मैन्योर में पाए जाते हैं और त्वचा के खुले हिस्सों से जैसे कि - कट्स या ज़ख्म के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं।

यदि मेरे बच्चे को टेटनस हो जाए तो क्या होगा?

निओनेटल टेटनस में, लक्षणों में मसल्स में स्पाज्म शामिल होते है, जिनसे पहले अक्सर शिशु को चूसने या ब्रेस्टफ़ीड करने में दिक्कत आती है, और शिशु अत्यधिक रोता है।

बड़े बच्चों और एडल्ट्स में, यह जबड़े की क्रैम्पिंग, मसल्स में दर्द के साथ कसाव और सीज़र्स का कारण बन सकता है। इसके कारण हड्डियों टूटना, सांस लेने में कठिनाई, वोकल कॉर्ड्स में स्पाज्म जैसे कॉम्प्लिकेशन्स हो सकते हैं।

मेरे शिशु को टेटनस से बचाने के तरीके क्या हैं?

सीडीसी टेटनस इन्फेक्शन को रोकने में मदद करने के लिए वैक्सीनेशन और ज़ख्म की अच्छी देखभाल की सलाह देता है। डॉक्टर्स ऐसे मामलों में भी टेटनस को रोकने के लिए एक दवा का उपयोग कर सकते हैं जिनमें किसी व्यक्ति को गंभीर रूप से चोट लगी हो और उसे टेटनस वैक्सीन्स द्वारा प्रोटेक्शन नहीं मिला हो।

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पोलियो

पोलियो क्या है और यह मेरे बच्चे को कैसे हो सकता है?

पोलियो एक वायरस के कारण होने वाला एक अत्यधिक इन्फ़ेक्शिअस रोग है। यह नर्वस सिस्टम को इन्फेक्ट करता है, और पेरेलिसिस, सांस लेने में कठिनाई तथा कभी-कभी मृत्यु का कारण भी हो सकता है। पोलियो मुख्य रूप से ५ वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है और अत्यधिक संक्रामक है।

यह मुख्य रूप से फेको-ओरल रूट या एक कॉमन वेहिकल (उदाहरण के लिए, कन्टेमिनेटेड पानी या भोजन) के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसके अलावा, यदि आपका बच्चा खिलौने जैसी कन्टेमिनेटेड हो चुकी वस्तुओं को मुंह में डालता है, तो वह इन्फेक्ट हो सकता है।

मेरे बच्चे को पोलियो होने पर क्या होगा?

सीडीसी के अनुसार, पोलियोवायरस इन्फेक्शन वाले ४ व्यक्तियों में से १ को फ्लू जैसे लक्षण होंगे, जिसमें गले में खराश, बुखार, थकान, जी मिचलाना, सिरदर्द और पेट दर्द शामिल हो सकते हैं। रोगियों के एक प्रोपोर्शन में मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से जुड़े लक्षण विकसित हो सकते हैं। पेरेलिसिस, पोलियो से जुड़ा सबसे गंभीर लक्षण है। यह स्थायी विकलांगता और मृत्यु का कारण बन सकता है।

मेरे शिशु को पोलियो से बचाने के तरीके क्या हैं?

पोलियो से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका वैक्सीनेशन है। पोलियो के खिलाफ वैक्सीनेशन के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने पीडियाट्रीशियन से बात करें।

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हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा
टाइप बी (हिब)

हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी क्या है और यह मेरे बच्चे को कैसे हो सकता है?

हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा रोग एच. इन्फ्लूएंज़ी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है।

ऐसे नाम के बावजूद, एच. इन्फ्लूएंज़ी, इन्फ्लूएंजा (फ्लू) का कारण नहीं है हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (हिब) एक बैक्टीरिया है जो कान में हलके इन्फेक्शन से लेकर गंभीर निमोनिया, मैनिंजाइटिस जैसे विभिन्न प्रकार के इन्फेक्शन्स और अन्य आक्रामक रोग पैदा कर सकता है जो कि विशेष तौर पर ५ वर्ष से कम आयु के बच्चों में होते हैं।

लोग अन्य लोगों के साथ निकट संपर्क में रहने के दौरान खांसने या छींकने से हिब सहित एच. इन्फ्लूएंज़ी को फैला सकते हैं। यहां तक कि जो लोग बीमार नहीं दिख सकते हैं, उनके नाक और गले में बैक्टीरिया हो सकते हैं और वे बैक्टीरिया को फैला सकते हैं।

यदि मेरे बच्चे को हिब हो जाए तो क्या होगा?

हिब के कारण होने वाले सबसे आम आक्रामक रोगों में निमोनिया, ब्लडस्ट्रीम इन्फेक्शन और मेनिनजाइटिस शामिल हैं। मेनिनजाइटिस मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के कवर का एक इन्फेक्शन है। यह शुरू में तेज बुखार, सिरदर्द, खाने और पीने में कमी के साथ दिखाई दे सकता है।

सीडीसी के अनुसार, हिब इन्वेज़िव रोग वाले अधिकांश बच्चों को अस्पताल में देखभाल की आवश्यकता होती है। यहां तक कि ट्रीटमेंट मिलने के बाद भी, हिब मैनिंजाइटिस से पीड़ित २० में से १ बच्चे की मृत्यु हो जाती है। हिब मेनिन्जाइटिस के ट्रीटमेंट के बाद बचे ५ बच्चों में से १ का मस्तिष्क डैमेज हो सकता है या वह बहरा हो सकता है।

मेरे शिशु को हिब से बचाने के तरीके क्या हैं?

डब्ल्यूएचओ अधिकाँश गंभीर हिब रोग को रोकने में सक्षम एकमात्र पब्लिक हेल्थ टूल के रूप में वैक्सीनेशन की सलाह देता है। शैशव की प्रारंभिक अवस्था में एडमिनिस्टर करने पर भी हिब के वैक्सीन्स सुरक्षित और प्रभावकारी माने जाते हैं।

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हेपेटाइटिस बी

हेपेटाइटिस बी क्या है और यह मेरे बच्चे को कैसे हो सकता है?

हेपेटाइटिस बी एक वायरस के कारण लीवर को होने वाला इन्फेक्शन है जो ब्लड और बॉडी फ्लुइड्स के माध्यम से फैलता है। हेपेटाइटिस बी एक हल्के अल्पकालिक रोग से लेकर बच्चों में गंभीर, आजीवन बीमारी तक हो सकता है, यह अक्सर वर्षों तक बना रह सकता है और अंततः लिवर को गंभीर रूप से डैमेज कर सकता है।

एक संक्रमित माँ अपने बच्चे को जन्म के दौरान इन्फेक्ट कर सकती है। हेपेटाइटिस बी वायरस तब फैलता है जब हेपेटाइटिस बी वायरस से इन्फेक्टेड ब्लड, सीमन, या बोंडी का अन्य फ्लुइड ऐसे व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाता है जो इन्फेक्टेड नहीं हो।

यदि मेरे बच्चे को हेपेटाइटिस बी हो जाए तो क्या होगा?

सीडीसी के अनुसार ५ वर्ष और उससे अधिक उम्र के लगभग ३०%-५०% लोगों में एक्यूट हेपेटाइटिस बी के लक्षण होते हैं। ५ वर्ष से कम उम्र के अधिकांश बच्चों और स्वास्थ्य की गंभीर समस्याओं वाले लोगों, जैसे कि इम्युनोसप्रेस्ड किये गये लोगों में, आमतौर पर लक्षण नहीं होते हैं।

हेपेटाइटिस बी के लक्षणों में थकान, बुखार, भूख में कमी, जी मिचलाना, त्वचा या आंखों का पीला होना, पेट में दर्द और गहरे रंग का मूत्र शामिल हैं।

९०% संक्रमित शिशुओं (अर्थात १ वर्ष से कम आयु के बच्चे) में क्रॉनिक इन्फेक्शन का विकास होगा। बच्चे के बड़े होने के साथ जोखिम कम हो जाता है। १ और ५ वर्ष की आयु के बीच के इन्फेक्टेड लगभग २५%-५० % बच्चों में क्रॉनिक हेपेटाइटिस B विकसित होने की संभावना है।

क्रॉनिक हेपेटाइटिस बी लिवर डैमेज, सिरोसिस, लिवर कैंसर और यहां तक कि मृत्यु का कारण बन सकता है।

हेपेटाइटिस बी से मेरे शिशु की रक्षा करने के तरीके क्या हैं?

सीडीसी के अनुसार वैक्सीनेशन, हेपेटाइटिस बी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। पूर्ण प्रोटेक्शन के लिए वैक्सीनेशन की सिरीज़ को पूरा करना आवश्यक है। हेपेटाइटिस बी के खिलाफ वैक्सीनेशन के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने पीडियाट्रीशियन से बात करें।

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इन रोगों को रोकने के तरीकों के बारे में पूरी जानकारी के साथ ही वैक्सीनेशन के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने पीडियाट्रीशियन को कंसल्ट करें।